
॥ श्री कृष्णाय नमः ॥
श्री कृष्ण चन्द्र महाराज ने मथुरा-गोकुल को आयवो छोड़ दियौ ॥
बंशीवट यमुना तट कौ अब ठीक ठिकानो छोड दियौ ॥
निशदिन ब्रजगोपिन के घर पर आयवौ छोड़ दियौ ॥
मिश्री मेवा भोग लगाविं माखन खायवौ छोड़ दियौ ॥
कंस मार भये अव राजा गैयन कौ चरायवौ छोड़ दियौ ॥
रास मण्डल सब भुलि गये हँसिवौ ईतरायवौ छोड़ दियौ ॥
बृज के सब पशु पंछीननें दानों - पानी छोड़ दियौ ॥
अबतौ प्रीत करी कुवरी संग बंसी को बाजयवौ छोड़ दियौ ॥
खुश रंग प्राण रहे अब कैसें मुखन खिखलावौ छोड़ दियौ ॥
श्री कृष्ण चन्द्र महाराज ने मथुरा-गोकुल को आयवो छोड़ दियौ ॥
॥ श्री कृष्णाय नमः ॥